By banning the sixty nine Chinese app, India has given a strong message to her that her antics will no longer be tolerated – संपादकीय: सुरक्षा का सवाल


राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो रहे उनसठ चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा कर भारत ने चीन को सख्त संदेश दिया है। भारत का यह कदम इस बात का स्पष्ट संकेत है कि चीन को उसकी हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देने में सरकार अब हिचकिचाएगी नहीं। भारत सरकार के सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय को इस तरह के ऐप के बारे में लंबे समय से शिकायतें भी मिल रही थीं कि इन ऐपों के माध्यम से चीन भारत के चप्पे-चप्पे की जासूसी तो करा ही रहा है, साथ ही वह सूचनाओं और आंकड़ों को दूसरे देशों को बेच भी रहा है।

अगर ऐसा हुआ है तो यह देश की संप्रुभता के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे में सरकार का यह कर्तव्य बनता है कि देश की एकता-अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए वह न सिर्फ चीन के ऐप, बल्कि किसी भी देश के ऐप पर प्रतिबंध लगाए और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। हालांकि अब यह सवाल तो उठ ही रहा है कि अगर सरकार को पहले से खबर थी कि इस तरह के चीनी ऐप देश की सुरक्षा को संकट में डाल में रहे हैं तो इन पर पहले ही पाबंदी क्यों नहीं लगाई गई।

भारत में चीनी मोबाइल ही सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रहे हैं। मोबाइल फोन बनाने वाली चीन की सभी बड़ी कंपनियों के संयंत्र भारत में हैं और भारतीय बाजार की जरूरत को पूरा कर रहे हैं। मोबाइल फोन बाजार पर चीनी कंपनियों के कब्जे का बड़ा कारण यह भी है कि चीनी फोन सस्ते काफी पड़ते हैं और हर महीने कई नए मॉडल सामने आ जाते हैं। मोबाइल बाजार के साथ ही ऐप का बाजार भी बढ़ता जा रहा है। इसीलिए चीनी ऐप का खतरा बढ़ता चला गया। जो कंपनी अपना मोबाइल बेचती है, उसका पूरा सॉफ्टवेयर और उसमें इस्तेमाल किए जा सकने वाले ऐप भी पूरी तरह से उसके नियंत्रण में होते हैं।

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समस्या अब ज्यादा इसलिए गहरा गई है कि मोबाइल लोगों की जीवनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन गया है और ज्यादातर बैंक संबंधी कामकाज, लेनदेन, खरीदारी तो मोबाइल फोन के जरिए ही हो रही है। ऐसे में मोबाइल उपयोक्ता से संबंधित सारी जानकारी संबंधित कंपनी की मुट्ठी में होती है, जिसका वह अपने तरीके से कहीं भी दुरुपयोग कर सकती है। मोबाइल रखने वालों के लिए इससे बड़ा खतरा और क्या हो सकता है! चीनी हैकर बैंक खातों में सेंध इसीलिए लगा लेते हैं कि उनके पास मोबाइल उपयोक्ता की सारी जानकारी होती है।

चीन भारत के लिए कितना बड़ा खतरा है, यह कोई छिपी बात नहीं है। लेकिन विडंबना तो यह है कि इतना सब जानते-बूझते भी हम उसे भारत में पैर पसारने का मौका देते रहे। अगर समय रहते भारतीय हाथों में चीनी मोबाइल को पहुंचने से रोक लिया जाता तो शायद आज चीन के ऐपों का खतरा खड़ा नहीं होता। इस हकीकत से भी मुंह नहीं मोड़ा जा सकता कि जिस तरह से चीनी कंपनियों का भारत में जाल बिछ गया है, उससे पिंड छुड़ाना आसान नहीं है। पर यह असंभव भी नहीं है।

देश में मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने का काम भारतीय कंपनियों के हाथ में हो, तो यह आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम होगा। भारतीय नागरिक के हाथ में चीनी मोबाइल की जगह भारत में बना मोबाइल और उसी के ऐप हों, तभी बड़े खतरों से बचा जा सकता है।

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This article was written by kk

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