terrorists came to repeat Pulwama again in Kashmir soldiers controlled pakistan will not improve – चौपाल: साहसिक कदम


पुलवामा हमले की टीस एक बार फिर उभर गई। हालांकि इस बार आतंकवादी कामयाब नहीं हो पाए। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना इस मामले में चौकन्ना थी। पहले ही अपने बहादुर जवानों को खोने का उसे मलाल था। इसलिए भारी विस्फोटकों से भरी गाड़ी को उन्होंने साजिश को अंजाम तक पहुंचने से पहले ही दबोच लिया।

एक तरफ देश की जनता और संपूर्ण विश्व कोरोना महामारी से लड़ रहा है, मगर दूसरी तरफ पाकिस्तान आज भी आतंकवादियों की फैक्ट्री चला रहा है और वहां से तैयार आतंकवादी भारत में प्रवेश कराए जा रहे हैं। वह अपनी इन गतिविधियों पर विराम नहीं लगा रहा।
इस बार पुलवामा में हमारी सेना, खुफिया एजेंसी और पुलिस चौकस थी।

इसका परिणाम यह हुआ कि भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री पकड़ी गई। उस समय हमारी सेना की टुकड़ी, जिसमें बहादुर जवान अधिकारी शामिल थे और उस काफिले में विभिन्न प्रकार के साजो-सामान से भरी गाड़ियां थीं, वे सब कुछ ही समय बाद वहां से गुजरने वाले थे। मगर सेना और पुलिस की सतर्कता के कारण आतंकवादियों के मंसूबों पर पानी फिर गया और उसके साथ-साथ इस तरह का विस्फोटक पदार्थों का जखीरा पकड़ा गया और उसको विफल कर दिया गया।

इसके लिए निस्संदेह सेना तथा पुलिस सराहना की पात्र हैं कि उन्होंने समय रहते इतनी भयावह साजिश को विफल कर दिया, वरना एक बार फिर न जाने किसके घर के चिराग बुझते और हमारे कितने बहादुर जवान इसमें शहीद होते। सशस्त्र बलों की इस कामयाबी से न सिर्फ नागरिकों का मस्तक गर्व से ऊंचा हुआ, बल्कि सेना का हौसला भी बढ़ा है।
’विजय कुमार धनिया, नई दिल्ली

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This article was written by kk

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